लड़की का पिता - विवाह बराबर वालों में हो तभी सफल होता है.
उम्मीदवार - आप सही कहते हैं. मेरा और आपकी बेटी का विवाह भी सफल होगा.
लड़की का पिता - मगर तुम्हारी तो कोई हैसियत ही नहीं है.
उम्मीदवार - अभी कुछ नहीं है पर विवाह के बाद तो आप के बराबर हो जायेगी.
Ruling Party and Opposition Party have same policy.
What is that?
Both love power.
नौकर - मालकिन मैं आप के यहाँ काम नहीं कर सकता.
मालकिन -क्यों?
नौकर - आप मुझे ऐसे डांटती हैं जैसे मैं आपका पति हूँ.
It was Raju's first day in school.
When he returned home, his mother asked, 'what did you learn today?'
'Not much', Raju replied, 'tomorrow also I will have go to school'.
नेता - मैं कल से दहेज़ के खिलाफ अभियान चला रहा हूँ.
पत्रकार - आज से ही क्यों नहीं?
नेता - आज मेरे बेटे की शादी है.
Raju returned from school.
He was both happy and sad.
Happy, as he was promoted to class 2.
Sad, as his teacher was not promoted.
A minister while going to Parliament asked his driver, ‘Can you drive the car with your eyes closed?’
Driver replied in the negative.
Minister taunted the driver, ‘You can’t even drive the car with eyes closed, and we are driving the entire country with closed eyes.’
Driver got annoyed and closed his eyes. A big bang, people came running and took out the driver. They thanked him, ‘You have done a great service to the nation. May God rest the soul of minister in peace’.
हम आज ऐसे समाज में रहते हैं जो बहुत तेजी से बदल रहा है और हम सबके लिए नए तनावों की स्रष्टि कर रहा है. पर साथ ही साथ समाज में घट रही बहुत सी घटनाएं हमारे चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं. हमारे तनाव, भले ही कुछ समय के लिए, कम हो जाते हैं. हर घटना का एक हास्य-व्यंग का पहलू भी होता है. इस ब्लाग में हम उसी पहलू को उजागर करने का प्रयत्न करेंगे.
भ्रष्टाचार है - तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना, कानून की अवहेलना, योग्यता के मुकाबले निजी पसंद को तरजीह देना, रिश्वत लेना, कामचोरी, अपने कर्तव्य का पालन न करना, सरकार में आज कल यही हो रहा है. बेशर्मी भी शर्मसार हो गई है अब तो.
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Saturday, December 25, 2010
Friday, January 9, 2009
बच्चों के चुटकुले
आज कल के बच्चे बहुत तेज हैं. कुछ बच्चे चुटकुले सुना रहे थे. आप भी पढिये .
एक बच्चे ने चुटकुला सुनाया.
एक आतंकवादी ने माला के घर में बम रख दिया.
पड़ोसियों ने देखा तो चिल्लाये, 'संभल कर, माला बम है, माला बम है'.
माला ने सुना तो हंसने लगी, 'अब नहीं, वह तो में जवानी में थी'.
एक बच्चे ने पहेली पूछी.
जो जानवर जमीन पर रहते हैं वह बच्चे देते हैं, पर पक्षी हवा में उड़ते हैं और वह अंडे देते हैं. वह कौन है जो हवा में उड़ते हैं पर बच्चे देते हैं?
बच्चे सोचने लगे पर उत्तर नहीं ढूँढ पाये. सबने हार मान ली.
उस बच्चे ने उत्तर बताया, 'एयर होस्टेस'.
एक और बच्चे ने चुटकुला सुनाया.
हमारे पड़ोसी ने अपने माली से कहा, 'पौधों को पानी दे दो'.
माली ने कहा, 'मालिक, वारिश हो रही है'.
पड़ोसी चिल्लाये, 'कामचोर, छाता लगा कर पानी नहीं दे सकते'.
और पढिये .
एक डाक्टर एक आदमी के पीछे भाग रहा था.
किसी ने पूछा, 'क्या हुआ डाक्टर साहब?'
डाक्टर बोला, 'साला, कई बार दिमाग का आपरेशन करवाने आया और बाल कटवा कर भाग गया'.
अब यह पढिये .
लड़का, 'जानेमन इस दिल में आजा'.
लड़की, 'सेंडल निकालू क्या?
लड़का, पगली, यह कोई मन्दिर थोड़े ही है, ऐसे ही आजा'.
एक और.
एक आदमी प्लेटफार्म पर बैठा सिगरेट पी रहा था. एक औरत आई और उसके पास बेंच पर बैठ गई. सिगरेट के धुएँ से परेशान होने पर उसने आदमी से कहा, 'जनाब अगर आप एक अच्छे इंसान होते तो यहाँ पर सिगरेट नहीं पीते'.
आदमी बोला, 'अगर आप अच्छी इंसान होतीं तो थोड़ा दूर पर बैठतीं'.
कुछ देर बाद औरत ने गुस्से से फ़िर कहा, 'अगर आप मेरे पति होते तो मैं आपको जहर दे देती'.
आदमी मुस्कुराया और बोला, 'यकीन कीजिए, अगर आप मेरी पत्नी होतीं तो मैं खुशी से जहर पी लेता'.
Friday, January 2, 2009
वोटों की राजनीति - चुटकुले या सच्चाई?
जब मार्गरेट अल्वा बोलीं,
तब बुरा लगा और 'हाथ' उठा,
जब नारायण राने बोले,
तब भी बुरा लगा और 'हाथ' उठा,
पर जब अंतुले बोले,
न बुरा लगा, न 'हाथ' उठा.
जान हथेली पर रख कर,
जनता ने दिया जवाब,
आतंक को, अलगाववाद को,
पर जिन्हें चुना, उन्होंने किया,
सत्ता का बंटवारा, सेवा का नहीं.
उन्होंने फरमाया,
जन्म दिन मनाना है नेता का,
पैसा दो या जान से जाओ,
नेता डाकू भाई-भाई.
हमने जन्म दिन मनाया,
कई महीनों का बजट बिगड़ गया,
उन्होंने जन्म दिन मनाया,
कई पीढियों का जीवन संवर गया.
पन्द्रह मिनट में उन्नीस बिल,
बेहयाई का रिकार्ड कायम किया,
जन-प्रतिनिधियों ने.
Thursday, December 25, 2008
भारत में नरबली चढ़ाना अपराध है
दो दोस्त जंगल में जा रहे थे.
अचानक सामने से भालू आ गया.
एक दोस्त तुंरत स्पोर्ट्स शूज पहनने लगा.
दूसरे दोस्त ने पुछा, 'स्पोर्ट्स शूज क्यों पहन रहे हो? तुम भालू से तेज नहीं भाग सकते?'
पहला दोस्त बोला, 'भालू से नहीं, तुमसे तेज भागना है'.
जब वह किसी बिजनिस में सफल नहीं हुए तब उन्होंने राजनीति का बिजनिस शुरू किया. ख़ुद कांग्रेस में, पत्नी बीजेपी में, बेटा एसपी में, बेटी बीएसपी में, बेटे की बहू सीपीएम में. किसी ने पूछा तो बोले, ;देखें, इस बार बिजनिस सफल कैसे नहीं होता?'
पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने फरमाया, 'अजमल कसाब नहीं, पंतुले हमारा आदमी है'.
एक आतंकवादी ने दूसरे आतंकवादी से पूछा, 'यार, यह देवघोदा और मुजराल कौन हैं और उन्हें हमसे क्या खतरा है?'
'पता नहीं यार, पर तुम क्यों पूछ रहे हो?' दूसरा आतंकवादी बोला.
'यार, भारत में एसपीजी उनकी सुरक्षा करती है', पहला आतंकवादी ठोडी खुजाता हुआ बोला.
'भारत में नरबली चढ़ाना अपराध है', मास्टरजी ने क्लास में बताया.
एक छात्र बोला, 'अगर यह सही है तो एक एम्एलऐ ने मुख्यमंत्री छायावती के जन्मदिन पर एक इंजिनीयर की बलि क्यों चढ़ाई?'
एक कांग्रेसी ने फरमाया, 'पिदम्बरम महान हैं, उन्होंने एनएसजी के चार हब बना दिए हैं, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई में. अब आतंकी हमले में एनएसजी तुंरत पहुँच जायेंगे'.
दूसरा कांग्रेसी बोला, 'इसी पिदम्बरम ने, जब वित्त मंत्री था एनएसजी की यह मांग खारिज कर दी थी'.
तीसरा कांग्रेसी बोला, 'अबे धीरे से बोल, किसी ने सुन लिया तो मुफ्त में मारा जायेगा. तू कोई मुसलमान नहीं है जो पंतुले की तरह बच जायेगा'.
Friday, December 19, 2008
कुछ सरकारी बयान (चुटकुले)
समय का महत्त्व और रेल मंत्रालय
"यदि आप समय पर अपने गंतव्य पर पहुँचना चाहते हैं तब भारतीय रेल से यात्रा न करें. समय की हमारे लिए कोई कीमत नहीं है"
कर्तव्य और अधिकार वनाम उत्पाद और सेवा निर्माता
"ग्राहक को तंग करना हमारा कर्तव्य भी है और अधिकार भी"
किसके बफादार किसके गले पड़े!
मार्च १९६० में अर्जुन सिंह ने नेहरू से कहा - जीवन भर आपका और आपके परिवार का बफादार रहूँगा. इस बफादारी का ईनाम दिया देश ने. बफादारी एक परिवार की और भुगत रहा है देश.
सरकार और ग्राहक
दिल्ली सरकार ने विज्ञापन छापा, 'ग्राहक जागो', और ख़ुद सो गई.
"हम पानी और बीमारियाँ बेचते हैं" - दिल्ली जल बोर्ड
"हमने विजली का निजीकरण किया है, जनताकरण नहीं" - दिल्ली विद्युत बोर्ड
दिल्ली
"दिल्ली देश का सब से हरा भरा, साफ सुथरा और सुंदर शहर है" मनमोहन सिंह
(और किसी दिल्ली को मैं नहीं जानता)
"नागरिक एक दूसरे के प्रति अहिंसा का भाव रखें" पुलिस
(हिंसा हमारा अधिकार है)
मुझ से डरो, मैं वित्तमंत्री हूँ, मेरा काम कर लगाना है, अगर नहीं डरे तो समझ लेना, 'न डरने' पर भी कर लगा दूँगा।
एक मंत्री ने अपने ड्राइवर से पूछा, 'क्या तुम आँख बंद करके कार चला सकते हो?'
ड्राइवर के कहा, 'नहीं'
'अरे तुम इतना भी नहीं कर सकते. हमें देखो, हम आँख बंद करके देश चला रहे हैं' मंत्री बोले
ड्राइवर को गुस्सा आ गया. उसने आँख बंद करके कार चला दी. ............
(.......... आसपास के लोग भागे हुए आए. ड्राइवर को कार से बाहर निकाला, गले लगाया, हार पहनाये और कहा, 'आपने आज धरती का भार हल्का कर दिया'.)
Wednesday, December 17, 2008
चुटकुले इधर उधर से
एक बच्चे की शरारत से मां जब बहुत परेशान हो गई तो उस ने कहा, 'बेटे सो जा वरना गब्बर आ जायेगा'.
बेटे ने कहा, 'मां, मुझे चोकलेट दो वरना पापा को बता दूँगा की मेरे सोने के बाद यहाँ गब्बर आता है'.
पुलिस ने रात के १ बजे शराब के नशे मैं डूबे एक आदमी को पकड़ कर पूछा, 'रात के एक बजे तुम कहाँ जा रहे हो?
आदमी, 'मैं शराब पीने के दुषपरिणाम पर भाषण सुनने जा रहा हूँ'.
पुलिस, 'इतनी रात मैं तुम्हे कौन भाषण देगा?
आदमी, 'मेरी बीवी'.
मुन्ना भाई, 'सर्किट, बोले तो यह फोर्ड क्या है?'
सर्किट, 'भाई, गाड़ी है'.
मुन्ना भाई, 'तो फिर यह ऑक्सफोर्ड क्या है?
सर्किट, 'बोले तो, सिंपल है भाई, इंग्लिश में बैल को ओक्स कहते हैं, इसलिए ऑक्सफोर्ड बोले तो बैलगाडी.'
एक दुकान के बाहर लिखा था: 'इन्सानों की तरह बात करने वाला कुत्ता बिकाऊ है.'
एक आदमी दुकानदार से जाकर बोला: 'मैं उस कुत्ते को देखना चाहता हूं...' दुकानदार ने कहा: 'साथ के कमरे में बैठा है, जा कर मिल लो।'
ग्राहक उस कमरे में गया। कुर्सी पर एक हट्टा-कट्टा कुत्ता बैठा था. पूछा: 'क्यों भई, तुम यहां क्या कर रहे हो?'
कुत्ते ने बताया: 'कर तो मैं बहुत कुछ सकता हूं, लेकिन आजकल इस दुकान की रखवाली करता हूं. इससे पहले अमेरिका के जासूसी महकमे में काम करता था और कई खूंखार आतंकवादियों को पकड़वाया... फिर मैं इंग्लैंड चला गया जहां पुलिस के लिए मुखबरी करता था. एक साल बाद यहां आ गया.'
उस आदमी ने दुकानदार से पूछा: 'इतने गुणवान कुत्ते को आप बेचना क्यों चाहते हैं?'
'अव्वल नम्बर का झूठा है, 'जवाब मिला.
Saturday, November 29, 2008
चुटकले नेताओं के
नेताजी अपनी बड़ी सी वेन में चले जा रहे थे कि उन्होंने देखा कि एक मैदान में एक आदमी, एक औरत और दो बच्चे घास खा रहे हैं. उन्होंने वेन रुकवाई और उनके पास जाकर पूछा तो आदमी बोला, 'हमारे पास न रोजगार है और न ही खाने को अनाज. कई दिन से हम घास खा कर गुजारा कर रहे हैं'.
नेता जी की आंखों में आंसू आ गए, बोले, 'तुम सब मेरे घर चलो'.
उस आदमी को यह सुन कर आश्चर्य हुआ, पर कुछ सोच कर वह अपने परिवार के साथ वेन में बैठ गया. कुछ आगे चलने पर वह बोला, 'आप जैसे दयालु नेता कम ही होते हैं जो भूखे आदमियों को खाना खिलाएं'.
नेता जी कहा, 'अरे ऐसी कोई बात नहीं है, मैं जो भी कर रहा हूँ एक नेता होने के नाते ही कर रहा हूँ. मैं तुमें खाना खिलाने नहीं ले जा रहा हूँ. दरअसल बात यह है कि मेरे गार्डन में दो-दो फुट घास उग आई है. मैं तम्हें वह घास खिलाने ले जा रहा हूँ'.
एक विमान का अपहरण हो गया जिसमें सौ से ज्यादा नेता सवार थे. यह ख़बर सुन कर जनता खुशी से नाचने लगी. लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं रही, अपहरणकर्ता ने कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम एक-एक करके नेताओं को रिहा करना शुरू कर देंगे'.
महा-नेता राज ठाकरे और उनके वीर महा-सैनिक मुंबई हमले के दौरान कहाँ छिपे रहे यह उन्हें भी नहीं पता. गैर-महामानुस गए मुंबई को बचाने.
Thursday, September 25, 2008
कुछ हंसिकाएं
मेरे कुछ ब्लाग्स पर बिखरी पड़ी हैं कुछ हंसिकाएं। सोचा इकट्ठी कर के यहाँ डाल दूँ।
तुम काली हो ये फरिश्तों की भूल है/
वो तिल लगा रहे थे कि स्याही बिखर गयी।
"जो कुछ अच्छा हुआ,
वह हमने किया,
जो कुछ बुरा हुआ,
वह किया अधिकारियों ने",
यह सीधी बात नहीं समझती जनता,
ख़ुद भी होती है परेशान,
हमें भी करती है परेशान.
कुछ मत देखो,
कुछ मत सुनो,
कुछ मत कहो,
बस हमें वोट देते रहो।
सरकार करती हे रोजगार,
बेचती है पानी,
अगली चीज क्या बेचेगी सरकार?
हवा, सूरज की धूप या फूलों की खुशबू.
"लोग मुझे युवराज कहें,
यह मुझे अच्छा नहीं लगता,
क्या वह मुझे राजा नहीं कह सकते?"
लोगों ने ट्रेफिक जाम लगाया,
लोगों ने ट्रेफिक जाम हटाया,
पुलिस चेक पोस्ट पर बैठी रही,
गाड़ियों को रोकती रही,
जेब गरम करती रही.
भारत एक राजतान्त्रिक देश है,
जनता द्वारा चुने जाने के बाद,
जन-प्रतिनिधि राजा हो जाते हैं
और सत्ता की राजनीति चलाते हैं.
तुम काली हो ये फरिश्तों की भूल है/
वो तिल लगा रहे थे कि स्याही बिखर गयी।
"जो कुछ अच्छा हुआ,
वह हमने किया,
जो कुछ बुरा हुआ,
वह किया अधिकारियों ने",
यह सीधी बात नहीं समझती जनता,
ख़ुद भी होती है परेशान,
हमें भी करती है परेशान.
कुछ मत देखो,
कुछ मत सुनो,
कुछ मत कहो,
बस हमें वोट देते रहो।
सरकार करती हे रोजगार,
बेचती है पानी,
अगली चीज क्या बेचेगी सरकार?
हवा, सूरज की धूप या फूलों की खुशबू.
"लोग मुझे युवराज कहें,
यह मुझे अच्छा नहीं लगता,
क्या वह मुझे राजा नहीं कह सकते?"
लोगों ने ट्रेफिक जाम लगाया,
लोगों ने ट्रेफिक जाम हटाया,
पुलिस चेक पोस्ट पर बैठी रही,
गाड़ियों को रोकती रही,
जेब गरम करती रही.
भारत एक राजतान्त्रिक देश है,
जनता द्वारा चुने जाने के बाद,
जन-प्रतिनिधि राजा हो जाते हैं
और सत्ता की राजनीति चलाते हैं.
बचपन में पढ़ा था,
साहित्य समाज का दर्पण होता है,
पर आज टुकड़ों मैं बँटे समाज ने,
दर्पण ही खंडित कर दिया है.
साहित्य समाज का दर्पण होता है,
पर आज टुकड़ों मैं बँटे समाज ने,
दर्पण ही खंडित कर दिया है.
Saturday, September 13, 2008
तब बदल जाता है हास्य व्यंग में
हास्य-व्यंग की एक गोष्टी में,
एक सवाल पूछा मैंने,
हास्य क्या है?
और व्यंग क्या है?
हंसाते हैं दोनों कहा किसी ने,
खुलासा किया फ़िर किसी ने,
हास्य हंसाता भर है,
व्यंग भी हंसाता है,
पर देता है,
एक टीस, एक चुभन.
पत्नी का पति पर बेलन फैंकना,
हास्य की संज्ञा पा सकता है,
पर फैका जाता है जब वह बेलन,
एक ऐसे पति पर,
जो लौटा है उड़ा कर,
शराब और जुए में,
बीमार बच्चे की दवा के पैसे,
तब बदल जाता है हास्य व्यंग में.
एक सवाल पूछा मैंने,
हास्य क्या है?
और व्यंग क्या है?
हंसाते हैं दोनों कहा किसी ने,
खुलासा किया फ़िर किसी ने,
हास्य हंसाता भर है,
व्यंग भी हंसाता है,
पर देता है,
एक टीस, एक चुभन.
पत्नी का पति पर बेलन फैंकना,
हास्य की संज्ञा पा सकता है,
पर फैका जाता है जब वह बेलन,
एक ऐसे पति पर,
जो लौटा है उड़ा कर,
शराब और जुए में,
बीमार बच्चे की दवा के पैसे,
तब बदल जाता है हास्य व्यंग में.
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