भ्रष्टाचार है - तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना, कानून की अवहेलना, योग्यता के मुकाबले निजी पसंद को तरजीह देना, रिश्वत लेना, कामचोरी, अपने कर्तव्य का पालन न करना, सरकार में आज कल यही हो रहा है. बेशर्मी भी शर्मसार हो गई है अब तो.

Sunday, January 27, 2013

खेल खत्म, पैसा हजम

उन्होंने नारे लगाए,
प्रदर्शन और अनशन किया,
भ्रष्टाचार खत्म करना है,
जनलोकपाल लाना है,
जनता साथ खडी हो गई.

जन आंदोलन ने जोर पकड़ा,
लगा जनलोकपाल आ जाएगा,
पर सत्ता की भूख जाग उठी,
पहले हम पार्टी बनायेंगे,
फिर सत्ता में आयेंगे,
जनता हमें मंत्री बनाए,
हम जन लोकपाल बनाएंगे. 

3 comments:

Ankush said...

सत्ता की भूख सच बात सर जी ..

Suman Dwivedi said...

vartmaan mudde par ktaksh satik hai
ap mera bhi blog dekhe aur aapne vichar de!

Ramlal Chhimpa said...

shaandaar h.

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