भ्रष्टाचार है - तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना, कानून की अवहेलना, योग्यता के मुकाबले निजी पसंद को तरजीह देना, रिश्वत लेना, कामचोरी, अपने कर्तव्य का पालन न करना, सरकार में आज कल यही हो रहा है. बेशर्मी भी शर्मसार हो गई है अब तो.

Saturday, January 26, 2013

पैसे जनता के, फोटो उनके

वह छपवाती हैं अपने फोटो,
जनता के पैसे से खरीदे,
हर सरकारी विज्ञापन में.
मैं भारत का नागरिक,
रोज अपमानित होता हूँ,
उनके फोटो देख कर,
अखवारों में. 

3 comments:

Ankush said...

बहुत खूब सच बात ..

Suresh Chandra Gupta said...

धन्यवाद, ब्लाग पर आते रहिये.

MANU PRAKASH TYAGI said...

लेकिन ऐसा कोई कानून नही जो हमारे पैसे से चलते विज्ञापन को रोक सके यहां तक कि उनको नियंत्रित भी कर सके

Get your website at top in all search engines
Contact Rajat Gupta at
9810213037, or
Go to his site

For free advice on management systems - ISO 9001, ISO 14001, OHSAS 18001, ISO 22000, SA 8000 etc.
Contact S. C. Gupta at 9810073862
e-mail to qmsservices@gmail.com
Visit http://qmsservices.blogspot.com